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Monday, July 13, 2015
Tuesday, June 30, 2015
उसके कोई काम आई?
एक दिन संता और बंता दोनों टैक्सी स्टैंड पर बैठे बातें कर रहे थे
कि तभी एक विदेशी उनके पास पहुँचा और उनसे अंग्रेजी भाषा में
कुछ पूछा। संता - बंता दोनों बेवकूफों की तरह उस विदेशी के
चेहरे को देखते रहे।
विदेशी समझ गया कि दोनों को अंग्रेजी नहीं आती। अब उसने
वही प्रश्न उनसे स्पेन की भाषा स्पेनिश में पूछा।
दोनों फिर बेवकूफों की तरह विदेशी का चेहरा देखते रहे।
तीसरी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे रूस की भाषा रशियन में पूछा।
दोनों का वही हाल रहा।
चौथी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे जर्मनी की भाषा जर्मन में
पूछा।दोनों फिर वैसे ही उसका चेहरा
ताकते रहे। आखिर तंग आकर विदेशी चला गया।
उसके जाने के बाद बंता, संता से बोला, "यार संता, हम लोगों को भी अपनी भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा
सीखनी चाहिए। हमारे काम आएगी।" संता ने एक जोर का झापड़ बंता
को लगाया और बोला, "साले, उसको चार चार आती थी, उसके कोई काम आई?"
कि तभी एक विदेशी उनके पास पहुँचा और उनसे अंग्रेजी भाषा में
कुछ पूछा। संता - बंता दोनों बेवकूफों की तरह उस विदेशी के
चेहरे को देखते रहे।
विदेशी समझ गया कि दोनों को अंग्रेजी नहीं आती। अब उसने
वही प्रश्न उनसे स्पेन की भाषा स्पेनिश में पूछा।
दोनों फिर बेवकूफों की तरह विदेशी का चेहरा देखते रहे।
तीसरी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे रूस की भाषा रशियन में पूछा।
दोनों का वही हाल रहा।
चौथी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे जर्मनी की भाषा जर्मन में
पूछा।दोनों फिर वैसे ही उसका चेहरा
ताकते रहे। आखिर तंग आकर विदेशी चला गया।
उसके जाने के बाद बंता, संता से बोला, "यार संता, हम लोगों को भी अपनी भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा
सीखनी चाहिए। हमारे काम आएगी।" संता ने एक जोर का झापड़ बंता
को लगाया और बोला, "साले, उसको चार चार आती थी, उसके कोई काम आई?"
Sardar VS Baniya
पेश है एक मजेदार किस्सा
एक बार की बात है कि एक सरदार, एक बनिये के यहां शादी में गया।
शादी का पंडाल बड़ा भव्य था और उसमें अंदर जाने के लिए 2 दरवाजे थे।
एक दरवाजे पर रिश्तेदार, दूसरे पर दोस्त लिखा था।
सरदार, बड़े फख्र से दोस्त वाले दरवाजे से अंदर गया।
आगे फिर 2 दरवाजे थे,
एक पर महिला, दूसरे पर पुरुष लिखा था।
एक पर महिला, दूसरे पर पुरुष लिखा था।
सरदार पुरुष वाले दरवाजे से अंदर गया।
वहां भी 2 दरवाजे और थे,
एक पर गिफ्ट (gift) देने वाला,
दूसरे पर बिना गिफ्ट (without-gift) वाले लिखा था।
दूसरे पर बिना गिफ्ट (without-gift) वाले लिखा था।
सरदार को हर बार अपनी मर्जी के दरवाजे से अंदर जाने में बड़ा मजा आ रहा था
उसने ऐसा इंतजाम पहली बार देखा था |
उसने ऐसा इंतजाम पहली बार देखा था |
सरदार बिना-गिफ्ट (without-gift) वाले दरवाजे से अंदर चला गया।
जब अंदर जाकर देखा तो सरदार बाहर गली में खड़ा था।
और वहॉं लिखा था... शर्म तो आ नहीं रही होगी,
बनिये की शादी और मुफ्त (free) में रोटी खाएगा???
जा-जा बाहर जा और हवा खा..
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