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Monday, July 13, 2015

संता गुरूद्वारे...

संता गुरूद्वारे जा के अरदास करता है: बाबा जी मेरी लाटरी दी टिकट हर सूरत विच निकलनी चाहिदी हे,
:
जैसे ही वो गुरूद्वारे से बाहर आया, किसी ने उसका पर्स लाटरी के टिकट समेत निकाल लिया,
:
संता दोबारा गुरूद्वारे जाके बोला: "बाबा जी पहलां किसी दी पूरी गल समझ लिता करो, ते फेर एक्शन विच आया करो"।



Thursday, July 2, 2015

संता बैंक मैनेजर से : इस बैग मैं 2 करोड भर के मुझे दो
मैनेजर: किस खुशी में।
संता अपना मास्क उतार कर बोला
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: मुझे स्वाइन फ्लू है
पैसा देते हो कि अभी छीक कर चला जाऊँ ।


Tuesday, June 30, 2015

Santa VS Bhagwan

सांता जब भी कपडे धोता, तब ही बारिश हो जाती .. . .
एक दिन धुप निकली, तो वो खुश हुआ और दुकान पे सर्फ लेने गया ..
वो जैसे ही दुकान पर गया बदल जोर-जोर से गरजने लगे,
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सांता फटाफट आसमान की तरफ मुह करके बोला :
क्या ..??
किधर ??
मैं तो बिस्कुट लेने आया हूँ … .. .
कसम से .. .


उसके कोई काम आई?

एक दिन संता और बंता दोनों टैक्सी स्टैंड पर बैठे बातें कर रहे थे
कि तभी एक विदेशी उनके पास पहुँचा और उनसे अंग्रेजी भाषा में
कुछ पूछा। संता - बंता दोनों बेवकूफों की तरह उस विदेशी के
चेहरे को देखते रहे।

विदेशी समझ गया कि दोनों को अंग्रेजी नहीं आती। अब उसने
वही प्रश्न उनसे स्पेन की भाषा स्पेनिश में पूछा।
दोनों फिर बेवकूफों की तरह विदेशी का चेहरा देखते रहे।
तीसरी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे रूस की भाषा रशियन में पूछा।

दोनों का वही हाल रहा।
चौथी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे जर्मनी की भाषा जर्मन में
पूछा।दोनों फिर वैसे ही उसका चेहरा
ताकते रहे। आखिर तंग आकर विदेशी चला गया। 

उसके जाने के बाद बंता, संता से बोला, "यार संता, हम लोगों को भी अपनी भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा
सीखनी चाहिए। हमारे काम आएगी।" संता ने एक जोर का झापड़ बंता
को लगाया और बोला, "साले, उसको चार चार आती थी, उसके कोई काम आई?"



शकल कुत्ते जैसी..

Santa: आपका कुत्ता तो शेर जैसा लगता है. क्या खिलाते हो??
Banta: ये कमीना शेर ही है, प्यार व्यार के चक्कर में पढ़ गया था तो शकल कुत्ते जैसी होगयी 


Ladki Se Shadi.

बॉस-आपकी शादी
हो गयी?
Santa-हांजी,1 लड़की
से हुयी हे
Boss-शादी तो लड़की से
ही होती हे
Santa-ना जी
मेरी बहिन की तो
लड़के से हुयी हे


Sardar VS Baniya

पेश है एक मजेदार किस्सा
एक बार की बात है कि एक सरदार, एक बनिये के यहां शादी में गया।
शादी का पंडाल बड़ा भव्य था और उसमें अंदर जाने के लिए 2 दरवाजे थे।
एक दरवाजे पर रिश्तेदार, दूसरे पर दोस्त लिखा था।
सरदार, बड़े फख्र से दोस्त वाले दरवाजे से अंदर गया।
आगे फिर 2 दरवाजे थे,
एक पर महिला, दूसरे पर पुरुष लिखा था।
सरदार पुरुष वाले दरवाजे से अंदर गया।
वहां भी 2 दरवाजे और थे,
एक पर गिफ्ट (gift) देने वाला,
दूसरे पर बिना गिफ्ट (without-gift) वाले लिखा था।
सरदार को हर बार अपनी मर्जी के दरवाजे से अंदर जाने में बड़ा मजा आ रहा था 
उसने ऐसा इंतजाम पहली बार देखा था |
सरदार बिना-गिफ्ट (without-gift) वाले दरवाजे से अंदर चला गया।
जब अंदर जाकर देखा तो सरदार बाहर गली में खड़ा था।
और वहॉं लिखा था... शर्म तो आ नहीं रही होगी,
बनिये की शादी और मुफ्त (free) में रोटी खाएगा???
जा-जा बाहर जा और हवा खा..


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